Holi 2022: नरसिंह अवतार कौन थे? Narsingh Avtar Ki Kahani

Holi 2022: नरसिंह अवतार कौन थे? Narsingh Avtar Ki Kahani. भगवान विष्णु नरसिंह अवतार. नरसिंह अवतार की कथा. भक्त प्रहलाद नरसिंह अवतार होली से सम्बन्ध

नरसिंह अवतार भगवान विष्णु का के दस अवतारों में से चौथे नंबर का अवतार है, जिसे रौद्र अवतार के नाम से भी जाना जाता है। यह अवतार आधा मनुष्य और आधा जानवर का था। नरसिंह अवतार का संधि-विच्छेद नर + सिंह होता है, आधा मनुष्य और आधा शेर।

क्यों और किसको बचाने के लिए भगवान विष्णु ने नरसिंह का रूप धारण किया था?

ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त कर हिरण्यकश्यप निरंकुश हो गया था। वो अपनी प्रजा पर अत्याचार करता था। जो भी भगवन विष्णु की भक्ति करता था, उसे हिरण्यकश्यप के सैनिक मौत के घाट उतर देते थे। उसने अपने राज्य में भगवन विष्णु की पूजा करने पर प्रतिबन्ध लगा दिया था। यहाँ तक कि उसने इंद्रलोक पर कब्ज़ा कर सभी देवताओं को वहां से भगा दिया था। पूरी दुनिआ में उसके नाम का हाहाकार था। कोई उसे नहीं मार सकता था क्योंकि उसे न दिन में और न ही रात में मरने का वरदान प्राप्त था। वह न किसी शस्त्र से मरता था और न ही किसी अस्त्र से। उसे न धरती पर मारा जा सकता था और न ही आकाश में। उसे न घर में मारा जा सकता है और न ही घर के बाहर। न उसे कोई मनुष्य मार सकता था और न ही कोई जानवर। इस वरदान के कारन वो सर्वशक्तिशाली हो गया था।

पर ऐसे अत्याचारी के घर एक प्रह्लाद नाम का बालक पैदा हुआ, जिससे हिरण्यकश्यप  काफी भयभीत था। क्योंकि प्रह्लाद भगवान विष्णु की भक्ति करता था और हिरण्यकश्यप के कई प्रयास के बाद भी प्रहलाद का अंत नहीं हो पाया और इस चक्कर में उसकी बहन होलिका का भी अंत हो गया।

चूँकि हिरण्यकश्यप का पाप काफी बढ़ गया था और उसे जो वरदान मिला था, उसको विफल करना था, इसलिए भगवन विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया।

भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया ताकि हिरण्यकश्यप के एक वरदान को विफल कर सके, जिसमें उसे कोई मनुष्य या पशु नहीं मार सकता था। क्योंकि नरसिंह अवतार न मनुष्य था और न ही पशु। हिरण्यकश्यप को देहली पर नरसिंह अवतार ने मारा जो इसको विफल करता था कि उसे न घर में मारा जा सकता है और न ही घर के बाहर। जिस समय हिरण्यकश्यप को मारा गया वह न दिन का समय था और न ही रात का बल्कि सायंकाल का समय था। उसे न शस्त्र से मारा और न ही अस्त्र से बल्कि नरसिंह अवतार ने अपने तीखे नाखूनों से उसका वध किया। 

तो इस प्रकार भगवान ने अपने बल के साथ अपनी बुद्धि का उपयोग कर एक राक्षस से धरती को पापमुक्त कियाऔर अपने परम भक्त प्रहलाद की रक्षा की।

होली से सम्बंधित आपको यह जानकारी कैसी लगी टिप्पणी कर बताये। मैं आशा करता हूँ कि अब आपको यह पता चल गया होगा कि नरसिंह अवतार कौन थे? Narsingh Avtar Ki Kahani.

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